Saturday, January 31, 2009

दर्द जब भी उभरे मरे सिने मैं..........


दर्द जब भी उभरे मरे सिने मैं ,
करार तुझको न आए जीने मैं....

गम का पहाड़ तुझपे टूटे इस कदर ,
उम्र कट जाए आंसू पिने मैं .....

मौत मांगे मगर तुझे मौत न मिले ,
जिंदगी बोझ लगने लगे, तुझे जीने मैं ..

तू चाहकर भी किसी की हो न सके ,
जैसे अंगूठी होती है, नगीने मैं....

तू तडपे तो , दर्द ऐसा उठे ,
जैसी उठता है , आज मेरे सिने मैं ...

दर्द जब भी उभरे मरे सिने मैं ,
करार तुझको न आए , जीने मैं ......!!!!

जिन्हें ढूँढ़ते हैं..........



जिन्हें ढूँढ़ते हैं सपनो मैं

वो हकीकत मैं नही है....

जो हकीकत मैं है सामने
वो हमारे सपनो मैं नही है....

जो दिल मैं है हमारे
वोह हमारे करीब नही है.....

और जो करीब है हमारे
वो हमारे दिल मैं नही है ....

जिस से प्यार करते हैं हम
वो हमारे बारे मैं सोचता नही है....

जो सोचते हैं हमारे बारे मैं
उन से प्यार हम करते नही हैं ...

हम जिनका इंतज़ार करते हैं
वो कभी आते नही हैं....

और जो जाते हैं सामने

उनका इंतज़ार हम करते नही हैं ....!!!!!!

मेरी याद …


मेरी यही चाहत थी की तुम हमारी ज़िन्दगी में आओ ,
लेकिन ये हो न सका और अब हम अपनी तकदीर पर रोते हैं

नींद तो नही आती है रातो को लेकिन ,
फिर भी कभी खवाबो में आओ इसी उम्मीद से सोते हैं

याद न करोगे ,तो भुला भी न सकोगे ,
मेरा ख्याल ज़हन से मिटा भी न सकोगे

एक बार जो तुम मेरे गम से मिलोगे ,
तो सारी उमर मुस्करा ना सको गे ।

वो तलाशता रहा मुझे डगर डगर ,
उन्हें हमारी तालाश थी ,

पर अफ़सोस जिस कबर पे थे कदम उनके ,
उसी में हमारी लाश दफन थी ………

याद न करोगे ,तो भुला भी न सकोगे ,
मेरा ख्याल जेहन से मिटा भी न सकोगे

एक बार जो तुम मेरा गम से मिलोगे ,
तो सारी उमर मुस्करा न सको गे ………

उसे एहसास जाने कब होगा …


मैं अपनी जिंदगी न खो बैठूं
मैं अपनी हर खुशी ना गँवा बैठूं

उसे खबर है सब मगर ..........

नजाने क्यूँ मुझे रुलाता है
न जाने क्यूँ मुझे सताता है

मैं खिलखिलाता हूँ बस उस के लिए
मैं रो भी जाता हूँ तो उस के लिए

उसे एहसास जाने कब होगा !!!

तमाम उमर फिर वोह तड़पेगी मेरे लिए

फिर वोह चाहेगी भी तो क्या होगा
फिर वोह आवाज़ भी देगा तो क्या होगा

फिर चाह केर भी न कुछ होगा
फिर हर तरफ़ खामोशी होगी

उससे हेर पल याद दिलाएगी
जो उसे हर घड़ी सताएगी

मैं अपनी हेर खुशी गँवा बेठा
मैं अपनी जिंदगी को खो बेठा

उसे एहसास जाने कब होगा …….!!!

तेरी याद ........


तेरी याद से रिश्ता कल भी था
तेरी याद से रिश्ता आज भी है ,,

दिल अपना दुखता कल भी था
दिल ये उदास आज भी है ,,

जो प्यार हम तुम से करते थे
वोह प्यार तो जिंदा आज भी है ,,

हम बिछड़ गए इस दूरी में
तुम दूर हो मजबूरी में ,,

कभी वक्त मिले तो चली आना
खुला दिल का दरवाज़ा आज भी है ,,

ना सताओ , ना तड़पाओ ….. .
ना महफिल में यु तनहा छोड़ो ,

तेरी याद में जागे कल भी थे ,
तेरी याद में जागे आज भी हैं ……!!!

A few sad thoughts….




मेरी
गली से वो जब भी गुजरता होगा
मोड़
पे जाकर कुछ देर ठहरता होगा

भूल
जाना मुझको इतना आसान तो होगा
दिल
मैं कुछ तो उस के तो बिखरता होगा

साथ देखे थे जो उन ख्वाबों का कारवा
गुबा
बनकर उसकी आँखों में उभरता होगा

कोई
जब चूमता होगा उसे बांहों में लेकर
मेरा
प्यार बदन में उसके सिहरता होगा

उसकी
जुल्फों को मेरी उँगलियाँ दुलारती होंगी
सामने
आईने के वो जब भी संवारता होगा

दर्द
जब भी देता होगा ये संगदिल ज़माना
वो
बेवफा इसमुझकोको याद करता होगा...!!!!

Sachi Hai.?


अगर मोहब्बत मेरी सच्ची तो एक दिन ज़रूर मिला देगी
अगर जिद मेरी पक्की है तो ऐ खुदा आसमान को भी हिला देगी

ना इनकार कर सकता है कोई मेरी वफ़ा से , मुझे यकीं है
पर तुम संभालना एक दिन मेरी वफ़ा तुझे बेवफाई का सिला देगी

यह बात सच है के तुमने हमसे प्यार किया पर दुसरे ही पल भुला दिया
मेरा प्यार इतना आसान ना था ना सोचा था के तेरी मोहब्बत दगा देगी

ना भुला सकूँगा वोह मोहब्बत न वोह बेवफाई , जो तू ने की
सज़ा इस से बढ़ के क्या देगी के उमर भर मेरी मोहब्बत तुझे दुआ देगी

अगर दम है मेरी वफ़ा - -महोब्बत में तो वोह एक दिन , आएगा ज़रूर

जब मेरी याद में तू तडपेगी पर तबतुझे मेरी मोहब्बत ना मिलेगी ..!!!!!!!

आ जाओ किसी दिन




इस
बेनाम से रिश्ते को निभा जाओ किसी दिन
जो मिल जाए फुर्सत तो जाओ किसी दिन

मिलता है सभी को , सभी कुछ यहाँ सुना है मेने
मुझको तो है चाहत की तुम ही मिल जाओ किसी दिन

बरसो से ये मेरा दिल खली पड़ा है
तुम अपने नाम की तख्ती लगा जाओ किसी दिन

बरसो की मोहब्बत को एक पल मैं भुला देते हो
मुझको भी ये हुनर सिखा जाओ किसी दिन

मुकद्दर मैं जो लिखा है वो कभी मिटेगा " जानम"
फुर्सत मिले तो दिल को ये बात समझा जाओ किसी दिन ...!!!!

Friday, January 30, 2009

तेरे बारे मैं जब सोचा नही था ....



तेरे
बारे मैं जब सोचा नही था

मैं तनहा था मगर इतना नही था

तेरे तस्वीर से करता था बातें

मेरे कमरे मैं आइना नही था

समंदर ने मुझको प्यासा ही रखा

जब तक तेरा प्यार साथ था, तो मैं प्यासा नही था

मानाने रूठने के खेल मैं, हम बिछड़ जायेंगे

मेने ये कभी सोचा नही था

सुना है बंद कर ली उसने अपनी आँखे......

कई रातो से वो सोया नही था ...!!!!!

Tujhe Yaad Kiya




Aaj phir toot k bikhara to tujhe yaad kiya,


Dil mera dard main duba to tujhe yaad kiya,

Khuwab ashkon main dhal gaye teri surat le kar,

Aaj phir ghum ne sataya to tujhe yaad kiya

Khushiyan besumaar hain mere jiwan ki tarha,

Aaj phir Janu main roya to tujhe yaad kiya,

Zindagi beet gai hai ghumon k saye main,

Bhool kar bhi kabhi hansa to tujhe yaad kiya,

Jab bhi teri judai k aazab lamhon ne,

Mujh ko betaab kiya to tujhe yaad kiya,

Lakh doori sahi lekin meri jana jab bhi,

Dil tere naam per dharka to tujhe yaad kiya.....!!!!

By:- "Dhirendera Kumar Singh"

"बिताये हुए पल"


बिताए हुए पलों को साथ साथ याद करो
क्या पता कल चेहरे को मुस्कुराना
और दिमाग को पुराने पल याद हो ना हो

आज एक बार फ़िर पुरानी बातो मे खो जाओ
आज एक बार फ़िर पुरानी यादो मे डूब जाओ
क्या पता कल ये बाते
और ये यादें हो ना हो

आज एक बार मन्दिर हो आओ
पुजा कर के प्रसाद भी चढाओ
क्या पता कल के कलयुग मे
भगवान पर लोगों की श्रद्धा हो ना हो

बारीश मे आज खुब भीगो
झुम झुम के बचपन की तरह नाचो
क्या पता बीते हुये बचपन की तरह
कल ये बारीश भी हो ना हो

आज हर काम खूब दिल लगा कर करो
उसे तय समय से पहले पुरा करो
क्या पता आज की तरह
कल बाजुओं मे ताकत हो ना हो

आज एक बार चैन की नीन्द सो जाओ
आज कोई अच्छा सा सपना भी देखो
क्या पता कल जिन्दगी मे चैन
और आखों मे कोई सपना हो ना हो..!!!

क्या पता
कल हो ना हो ...
hearts

DhirenderaKumar Singh"






Thursday, January 29, 2009

दोस्ती हर रिश्ते से लाज़वाब है

प्यार करने वालो की किस्मत ख़राब होती है ,
हर वक्त इन्तहा की घड़ी साथ होती है ,
वक्त मिले तो रिस्तो की किताब खोल के देख लेना,
दोस्ती हर रिश्ते से लाज़वाब होती ,॥!

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सुना है काफी असर होता है बातो में ,
आप भी भूल जाओगे दो- चार मुलाकातों में,
लकिन हमसे बचकर कहा जाओगे ,
आपकी दोस्ती की लकीर है मेरे हाथो में ..!

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आपकी दोस्ती की एक नज़र चाहीये,
दिल है बेघर उसे एक घर चाहीये,
बस यूही साथ चलते रहो दोस्त ,
ये दोस्ती हमें उमर भर चाहीये!!!

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दोस्ती मायने हमसे क्या पूछते हो ,
हम भी इन बातो से अनजान है ,
बस एक गुजारिश है के भूल जन हमे ,
आपकी दोस्ती ही हमारी जान है ।!!

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हर फूल की अज़ब कहानी है,
चुप रहना भी प्यार की एक निशानी है
कही कोई ज़ख्म नही फ़िरभी क्यों दर्द का एहसास है,
लगता है दिल का एक टुकडा आज भी उसके पास है .!!
धीरेन्द्र कुमार सिंह

Zindagi Meri Nahi



fir karne laga hisaab zindagi ka
ye bhi ek zariya he tumhe yaad karne ka
yaado ki khaak me dhund raha tha ek hasi
aankh se bhi jo tapka to ek katra….dard ka

kyu ye dil teri yaad me tadpta he
kyu tere tassavur me hi duba rehta he
jo kiya hi nahi tha vaada tumne milne ka
fir najane karta he ye gumaan kis baat ka

har baat pe muskura dete the tum
har sher pe kehte the janab aadaab
kya samjhe bhi the matlab mere jazbaato ka
ya wo bhi ek jalwa tha teri bewafaii ka

kyu me karu yakeen tujh par kyu me karu aitbaar tera
gar meri he to aaja phir ya chod de khyaal mohabbat ka

ab to milegi mohabbat hume ya rukh hoga mehkhane ka
ya tera saath hoga zindagi me ya sahar hoga teri yaado ka..!!!

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Jab Teri Yaad Aayi

Palkon pe aanso’on ko sajaya na jaa saka,
us ko bhi Dil ka haal bataya na jaa saka,

zakhmon se choor choor tha yeh Dil mera,
ek zakham bhi us ko dikhaya na jaa saka,

jab teri yaad aayi to koshish ke ba wajood,
aankhon main aanso’on ko chupaya na jaa saka.

kuch log zindagi main aise bhi aaye hain,
jin ko kisi bhi lamhe bhulaya na jaa saka,

bas is khayaal se kahin us ko dukh na ho,
hum se to haal-e-ghum bhi sunaya na jaa saka.

woh muskuraha tha mere ru-ba-ru magar,
chehre ka rang us se chupaya na jaa saka,

tanhaiyon ki aag main hum jal gaye,
magar faasla unka mitaya na jaa sa...!!!

Aaj Dil DukHa Hai


Chal pade the duniya ke mele dekhne
khud uska hissa ban gaye??
kisse ab aap kya sunaate hain huzoor
aap to khud kissa ban gaye…

Teri yaad me aasson ka samandar bana liya,
Tanhai ke saher me apna ghar bana liya,
Suna hai log pujte hai patther ko, Is liye dil apna patther bana liya

Dil tootega toh fariyaad karoge tum bhi
hum na rahe toh hamein yaad karoge tum bhi
aaj kehte ho hamare paas vaqt nahin
par ek din mere liye vaqt barbaad karoge tum bhi.

kabhi dil ka koi kona yunhi veeraan ho jae
koi bhi baat na ho par kahin bhi chain na aaye
na koi arzzoo jaage na koi khwaab yaad aae
bila vajah puraani kuchh kitaben dhoondna chaho
aur jab vo dhoond na paao to bas yun aankh bhar aaye
khazaana kho diya koi ,koi phir tum se hai bichhda
na lena naam hai jiska jise na yaad kar paao
samajh lena usi pas ek pal main yaad karti hun….
its mine

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Dua karte hai hum KHUDA se,
Dua karte hai hum KHUDA se,
Aye KHUDA humara pyara apni manzil paye,
Uski raho me andhera aaye…
Toh roshni ke liye hame jalaye

Yaadon ki dhoond mein teri parchai si lagti hai,
Sannate me gunjati koi sahnai si lagti hai,
Tum ho to apnapan hai,
Warna seene mein saanse bhi parai si lagti hai..!!

Kabhi yun bh aa mere aankh mein
Ki meri nazar ko khabar na ho
Mujhe ek raat nawaz de
Magar uske baad sahar na ho..!!!


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For My Love

Pyar Karne walo ki kismat kharab hoti hai,
Har waqt inteha ki ghadi sath hoti hai,
Waqt mile to rishto ki kitab khol ke dekh lena,
Dosti har rishtey se lajawab hoti hai..

Suna hai kafi asar hota hai baaton mein,
Aap bhi bhul jaoge Do-Chaar mulakaton mein,
Lekin humse bachkar kahan jaoge,
Aapki dosti ki lakeer hai mere haathon mein..

Aapki dosti ki ek nazar chahiye,
Dil hai beghar use ek Ghar chahiye,
Bas yun hi saath chalte raho a dost,
Ye Dosti hume umar bhar chahiye..

Dosti ke mayne hamse kya puchte ho,
Hum abhi in baton se anjaan hain,
Sirf ek gujarish hai ke bhool na jana hame,
Kyonki aapki dosti hi hamari jaan hai..

Har phool ki ajab kahani hai,
chup rehna bhi pyar ki nishani hai,
kahin koi zakhm nai phir bhi kyun dard ka ehsas hai,
lagta hai dil ka ek tukda aaj bhi uske paas hai..!!

By.. Dhirendera Kumar Singh