
मेरी यही चाहत थी की तुम हमारी ज़िन्दगी में आओ ,
लेकिन ये हो न सका और अब हम अपनी तकदीर पर रोते हैं
नींद तो नही आती है रातो को लेकिन ,
फिर भी कभी खवाबो में आओ इसी उम्मीद से सोते हैं
याद न करोगे ,तो भुला भी न सकोगे ,
मेरा ख्याल ज़हन से मिटा भी न सकोगे
एक बार जो तुम मेरे गम से मिलोगे ,
तो सारी उमर मुस्करा ना सको गे ।
वो तलाशता रहा मुझे डगर डगर ,
उन्हें हमारी तालाश थी ,
पर अफ़सोस जिस कबर पे थे कदम उनके ,
उसी में हमारी लाश दफन थी ………
याद न करोगे ,तो भुला भी न सकोगे ,
मेरा ख्याल जेहन से मिटा भी न सकोगे
एक बार जो तुम मेरा गम से मिलोगे ,
तो सारी उमर मुस्करा न सको गे ………
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