
अगर मोहब्बत मेरी सच्ची तो एक दिन ज़रूर मिला देगी
अगर जिद मेरी पक्की है तो ऐ खुदा आसमान को भी हिला देगी
ना इनकार कर सकता है कोई मेरी वफ़ा से , मुझे यकीं है
पर तुम संभालना एक दिन मेरी वफ़ा तुझे बेवफाई का सिला देगी
यह बात सच है के तुमने हमसे प्यार किया पर दुसरे ही पल भुला दिया
मेरा प्यार इतना आसान ना था ना सोचा था के तेरी मोहब्बत दगा देगी
ना भुला सकूँगा वोह मोहब्बत न वोह बेवफाई , जो तू ने की
सज़ा इस से बढ़ के क्या देगी के उमर भर मेरी मोहब्बत तुझे दुआ देगी
अगर दम है मेरी वफ़ा -ऐ -महोब्बत में तो वोह एक दिन , आएगा ज़रूर
जब मेरी याद में तू तडपेगी पर तब ’ तुझे मेरी मोहब्बत ना मिलेगी ..!!!!!!!
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