Tuesday, February 3, 2009

फिर भी तुम मेरी जिंदगी मैं शामिल नही हो ।


मेरी हर एक बात मैं तुम हो ,
मेरे हर जज़्बात मैं तुम हो ,
मेरी एक एक रात के साए मैं तुम हो ,
सपनो मैं तुम हो ,
हकीक़त मैं तुम हो ,
फिर भी तुम मेरी जिंदगी मैं शामिल नही हो ।

हर साँस मैं तुम हो ,
हर धड़कन मैं तुम हो ,
हर चलने की आहट मैं तुम हो ,
खामोशी मैं तुम हो ,
आवाज़ मैं तुम हो ,
फिर भी तुम मेरी जिंदगी मैं शामिल नही हो .

होटों पे मुस्कूराहट बनकर हो ,
आँखों मैं सपना बन कर हो ,
गले मैं सोना बन कर हो ,
सर पर आशीर्वाद बन कर हो ,
हर मुसीबत मैं दोस्ती बन कर हो,

फिर भी तुम मेरी जिंदगी मैं शामिल नही हो ....!!!

कुछ न बोले हम बस मुस्कुरा दिए ………

हँसी देख के मेरी सब महफिल मैं मुस्कुरा दिए ..
तुमने पढ़ लिए शायद ग़म जो मेरे पास गए ..
बाहों मैं भर के पूछा जब तुमने ....
कुछ न बोले हम बस मुस्कुरा दिए ………॥

जाना था आज तुम्हे हमसे दूर हमेशा के लिए ..
जाते जाते तेरे चेहरे से अश्क चुरा लिए
सज के बिथि थी तू अपने महबूब के आगोश मैं
सारे अरमान अपने इश्क की आग मैं जला दिए ………

कुच्छ न सोचा कभी मैंने कुच्छ न चाह था तेरे सिवा
कह न पाया दिल की बात शायद थी ये मेरी खता
काश मैं इकरार कर देता अपनी मोहब्बत का
तोह अंजाम -ऐ - इश्क मैं न मिलती ये सज़ा …..

जाना है कल सुबह तुम्हे सब नाटो को तोड़ कर
इस बात ने मेरे अश्क थे बहा दिए
देखि थी मैंने शिकन तेरे चेहरे पर भी
मेरे आसुओं ने सितम तुझपे ढा दिए ………।

तुने पूछा जब हाले दिल दे के अपनी कसम
राज़ सरे इस दिल के थे तुझे बता दिए
पलकें भीगी हुयी लब खामोश थे
तेरी खामोशी ने मुझे सारे जवाब दिए …

सज चुकी थी पर डोली तेरी
हम दोनों ने अपने ग़म छुपा लिए
सब रोये थे तेरी विदाई मैं
देखा जब तुने मुझे तो हम मुस्कुरा दिए …!!!!!!!!!!!

तेरी याद बहुत आती है

ऐ दोस्त तेरी याद बहुत आती है

तन्हाई में मुझे बहुत सताती है .

किस से कहूं अपने दिल की बात मैं

ये हवा भी कब तक साथ निभाती है

ये बारिश की बूँदें ,ये मट्टी की खुशबु

मुझे तनहा देख कर मेरा मज़ाक उडाती हैं ,

मुझे तुम से है मोहब्बत इतनी

तन्हाई में तुम्हारी आवाज़ आती है

देता है सदा कोई मुझे दूर से

लगता है मुझे मेरी दोस्त बुलाती है .....